भारतीय ग्राहकों के बीच इलैक्ट्रिक वाहन के प्रती लगाव बढ़ता जा रहा है। यह लगाव हमें इलैक्ट्रिक वाहन के बिक्री में पता चलता है भारतीय ग्राहक अब पर्यावरण के प्रती जागरूक होने के साथ ही साथ अब पेट्रोल और डीजल इंजन वाहनों को छोड़ कर अब इलैक्ट्रिक वाहन खरीदने पर अपना मन जमा रहेहे
किया इंडिया ने भारतीय बाजार को समझ कर लोगों के लिए उनका नया Kia Carens Clavis EV baas program launch कर दिया है। इस प्रोग्राम के तहत आम ग्राहकों अब किया की kia Careñs Clavis EV अब शुरआती एक्स शोरूम कीमत अब घटकर मात्र ₹१२.८४ लाख रह गई है। Kia की इस प्रोग्राम ने लोगों को इलैक्ट्रिक वाहन खरीदने को मजबूर करने वाली हैं।
BaaS’ (Battery-as-a-Service) क्या है?
एक इलेक्ट्रिक वाहन की कुल लागत में से लगभग ४० से ५०% हिस्सा उसके बैटरी का होता है और यही कारण है जो इसे पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों से महंगा बनता है। इसी समस्या का समाधान करने के लिए किया ने BaaS यानी ‘’Battery-As-a-Service’ प्रोग्राम को भारतीय बाजार में पेश किया है।
इसकी अवधारणा कैसी है?
इस प्रोग्राम के तहत इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी और चेसिस की कीमत एक दूसरे से अलग-अलग कर दिया जाता है। जब आप शोरूम पर गाड़ी खरीदने जाओगे तब आप केवल कार की बॉडी के लिए भुगतान करते हैं, जिससे कार की शुरुआती कीमत बहुत कम हो जाती है। बैटरी कंपनी का संपत्ति रहती है और आप उसे एक निश्चित रेंटल या सब्सक्रिप्शन मॉडल के तहत इस्तेमाल करोगे।
इस प्रोग्राम का महत्व
भारतीय ग्राहकों हमेशा से इलेक्ट्रिक वाहन की शुरुआती कीमत ज्यादा होने के कारण यह गाड़ी खरीदना पसंद नहीं करते थे। अब इस किया के BaaS प्रोग्राम के जरिए ग्राहकों के सर से भारी भरकम बोझ हटाकर उनके लिए कम पैसे में गाड़ी लेने की सुविधा प्राप्ति कर दी है
ड्यूल-लोन मैकेनिज्म और फाइनेंसिंग पार्टनर्स
Kia careñs clavis EV baas program launch के तहत कंपनी के द्वारा अनोखा ड्यूल लोन मेकैनिज्म तैयार किया है। जो ग्राहकों को एक ही गाड़ी के लिए दो अलग-अलग लोन अकाउंट खोलने की सुविधा देते हैं।
व्हीकल बॉडी अकाउंट
यह लोन कार के चेसिस के लिए होता है आप आपकी पसंद के अनुसार बैंक से फाइनेंस करा सकते हैं। इसके लिए अधिकतम 60 महीने या 5 वर्ष तक की लोन अवधि मिलती है जिसकी EMI पारंपरिक कार लोन की तरह चुकानी होती है।
बैटरी कंपोनेंट अकाउंट
इसमें बैटरी के लिए एक अलग लोन या सब्सक्रिप्शन अकाउंट खुलता है। इसकी भुगतान के लिए अधिकतम ९६ महीने या 8 वर्ष तक का बढ़ाया जा सकता है। इसमें आपके प्रति किलोमीटर के हिसाब से मासिक रेंटल चार्ज देना पड़ेंगे।
वित्तीय भागीदारी
इस योजना को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए किया इंडिया ने भारत के अग्रणी बैंकों और
NBFCs के साथ वित्तीय भागीदारी की है जिसमें ग्राहक HDFC बैंक , ICIC बैंक , Axis बैंक , Kotak Mahindra बैंक और Bajaj में किसी भी संस्थान के जरिए इस ड्यूल लोन सुविधा का फायदा उठा सकते हैं।
वेरिएंट और कीमत
यह ‘Kia Careñs Clavis EV BaaS Program launch’ के अंतर्गत इस वाहन के standard Pack (४२ kWh बैटरी) और Extended Range pack (५१.४ kWh बैटरी) इन दोनों वेरिएंट्स पर यह प्रोग्राम लागु होगा।
इस प्रोग्राम के तहत वाहन की क़ीमत होगी
स्टैंडर्ड पैक वेरिएंट के लिए शुरुआती कीमत BaaS प्रोग्राम के बिना ₹१७.९९ लाख होगी पर BaaS प्रोग्राम के साथ ₹१२.८४ लाख होगी और बैटरी का रेंटल 3.3 पर किलोमीटर आपको पड़ेगा।
एक्सटेंडेड रेंज पैक वेरिएंट के लिए शुरुआती कीमत BaaS प्रोग्राम के बिना ₹२१.९९ लाख पड़ेगी पर BaaS के प्रोग्राम के साथ ₹१५.९४ लाख होगी जिसमें आप ₹६.०५ लाख बचत कर सकते हो और इसकी बैटरी रेंट 3.3 पर किलोमीटर होगी।
किआ का चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और इकोसिस्टम
किया के इस Kia Carens Clavis EV baas program launch के संदर्भ में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और इकोसिस्टम की जानकारी के तहत कंपनी ने अपने आधिकारिक मोबाइल ऐप जो ‘K-Charge’ प्लेटफार्म को जोड़ा है इसके जरिए ग्राहकों को पूरे देश भर के चार्जिंग स्टेशन की लाइव लोकेशन उनके मोबाइल स्क्रीन पर दिख जाती है रियल टाइम में चार्जर खाली है या नहीं यह भी जान सकते हैं।
यह इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाले ग्राहकों को भारत भर 15,000 से भी ज्यादा पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क एक्सेस मिलता है आप पहले जैसे हाईवे पर गाड़ी चलाते समय रेंज एंजायटी होना कम हुआ है।
किया ने अपनी 100 से ज्यादा आधिकारिक शोरूम और डीलरशिप पर हाई स्पीड DC फास्ट चार्जर लगाया है जो आपातकालीन स्थिति में ग्राहक यहां जाकर अपनी कार को बहुत कम समय में चार्ज कर सकते हैं।
किसी भी तकनीकी समस्या या सामान्य मेंटेनेंस के लिए कंपनी ने देश भर में २६७ EV-ready सर्विस वर्कशॉप बनाए हैं जिसमें विशेष रूप से प्रशिक्षित मैकेनिक और इलेक्ट्रिक वाहन टूल्स मौजूद रहते हैं।
BaaS प्रोग्राम के फायदे और नुकसान
यहां Kia Carens Clavis EV baas program launch के अंतर्गत मिलने वाली BaaS मॉडल के फायदे और नुकसान विस्तार में दिए गए हैं।
BaaS प्रोग्राम के फायदे
इस प्रोग्राम का सबसे बड़ा यह फायदा है कि गाड़ी की शुरुआती कीमत पहले से बहुत ज्यादा कम हुई है। इसके वजह से पहले लोग भारी भरकम कीमत लगाते थे। वह अब कम लागत में यह गाड़ी अपने घर लेकर जा सकते हैं और इस गाड़ी की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत घटकर मात्र ₹१२.८४ लाख रह जाती है।
पहले पारंपरिक इलेक्ट्रिक वाहन में ग्राहकों के मन में हमेशा से यह डर रहता था कि 5 से 7 साल बाद बैटरी खराब होने पर लाखों रुपए का खर्चा उनके सर आएगा पर बैटरी बदलने की पूरे जिम्मेदारी और खर्च किया का खुद का होगा।
पहले पुरानी इलेक्ट्रिक वाहन बेचते समय ग्राहकों के मन में बैटरी की कंडीशन को लेकर हिचकिचाहट रहती थी। इसके कारण वाहन की रीसेल वैल्यू बहुत ही काम हो जाती थी पर अब स्कीम में बैटरी हमेशा से कंपनी की देखरेख में रहती है इसलिए भविष्य में सेकंड हैंड मार्केट में कार को अच्छी रीसेल वैल्यू मिलेगी।
यदि आप किस महीने कार काम चलाते हो तो आपके बैटरी के रेंटल खर्च भी कम आ जाएंगे।
BaaS प्रोग्राम के नुकसान
आप इस प्रोग्राम के तहत वाहन खरीदते हो और आपकी दैनिक रनिंग बहुत ज्यादा है जैसे कि प्रतिदिन 100 किलोमीटर से अधिक तो ₹3.3 प्रति किलोमीटर के हिसाब से मासिक बैटरी रेंटल चार्ज बहुत ज्यादा हो जाता है इसके कारण यह स्कीम आपको फायदेमंद नहीं रहती यह स्कीम सिर्फ सीमित ड्राइविंग करने वालों के लिए किफायती साबित है।
कुछ लोग आलसी होते हैं जैसे कि मेरे तरह जो गाड़ी के लिए दो वित्तीय खातों का संभालना नहीं चाहते जैसे कि एक कार की बॉडी की EMI दूसरे बैटरी का रेंटल हर महीने दो अलग-अलग भुगतानों का ट्रैक करना कुछ लोगों के लिए थोड़ा पेचीदा मामला हो सकता है उनके लिए यह सिर दर्द होगा।
आमतौर पर कार लोन खत्म होने के बाद मासिक खर्च शून्य हो जाता है पर इस स्कीम के तहत गाड़ी का इस्तेमाल जब तक आप करोगे तब तक आपको किलोमीटर के हिसाब से बैटरी का किराया देना ही होगा।
निष्कर्ष
Kia Carens Clavis EV baas program launch भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक महत्वपूर्ण और साहसिक कदम है। किया ने यह कदम उठा के बैटरी के लागत को कार की बॉडी से अलग करने केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे बड़ी बाधा महंगी ‘शुरुआती कीमत’ को खत्म किया है बल्कि मध्यम वर्गीय ग्राहकों के लिए ६-७ सीटर प्रीमियम वाहन खरीदना आसान किया है।
बैटरी रेंटल जैसे ₹ 3.3 प्रति किलोमीटर फार्मूला के तहत ग्राहक को कार की लाइफ के बाद बैटरी बदलने की लाखों रुपए की भारी भरकम खर्च से भी हमेशा के मुक्ति मिल जाती है। सिर्फ जीन लोगों की दैनिक रनिंग ज्यादा है उनके लिए घाटे का सौदा होगा।
कुल मिलाकर यदि आप शहर के भीतर और सीमित हाईवे पर सफर के लिए एक सुरक्षित ६-७ सीटर प्रीमियम कार चाहते हो तो यह किया कि इलेक्ट्रिक वाहन आपके लिए बेहतरीन और व्यावहारिक विकल्प साबित होगा।