FASTag: 1 अप्रैल 2026 से बंद होगा कैश पेमेंट : FASTag और UPI से ही होगा टोल पेमेंट जानें डिटेल्स

( NHAI ) नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने सुरवात 1 अप्रैल 2026 से पुरे भारत देश में FASTag Cash Payment Closed  करने का प्रस्तुत किया है

क्या है इसके पिछे पुरे प्रस्ताव के मुख्य विवरण

• मुख तारीख : सुरवती 1 अप्रैल 2026 से पुरे भारत देश में लगभग पुरे 1,150 फि प्लाजा पर यह लागू होगा
• मंज़ूर पेमेंट मोड: एक बार लागू होने के बाद, सिर्फ़ FASTag या यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) के ज़रिए डिजिटल पेमेंट ही स्वीकार किए जाएँगे

विवरण नियम और जानकारी
प्रभावी तिथि 10 अप्रैल 2026 से
मुख्य बदलाव नकद (Cash) भुगतान बंद
अनिवार्य माध्यम FASTag
वैकल्पिक माध्यम UPI (QR Code) – 25% अतिरिक्त शुल्क के साथ
वार्षिक पास (निजी) ₹3,075 (पहले ₹3,000)
ID कार्ड छूट अब बंद कर दी गई है

 

• मकसद: “कैश लेन” खत्म करना, भीड़ कम करना, और पीक आवर्स में ट्रैफ़िक फ़्लो को बेहतर बनाना
• अभी अपनाया जा रहा तरीका: NHAI की रिपोर्ट है कि FASTag की पहुँच पहले ही 98% पार हो चुकी है, जिससे पूरी तरह से डिजिटल ट्रांज़िशन मुमकिन हो गया है

 FASTag Cash Payment Closed
FASTag: 1 अप्रैल 2026 से बंद होगा कैश पेमेंट : FASTag और UPI से ही होगा टोल पेमेंट जानें डिटेल्स

 

क्यू NHAI बंद करना चाहती हैं कैश पेमेंट ?

 

मुख्य कारण विवरण
ट्रैफिक जाम में कमी नकद लेनदेन में समय लगता है, जिससे लंबी कतारें लगती हैं। डिजिटल भुगतान से वाहन बिना रुके या बहुत कम समय में निकल सकेंगे।
ईंधन और समय की बचत टोल पर रुकने और इंजन चालू रखने से ईंधन बर्बाद होता है। कैशलेस सिस्टम से यात्रियों का समय और पैसा दोनों बचेगा।
पारदर्शिता (Transparency) डिजिटल लेनदेन से टोल संग्रह में पारदर्शिता आती है और मानवीय त्रुटि या भ्रष्टाचार की संभावना कम हो जाती है।
लेनदेन विवादों का अंत कैश पेमेंट के दौरान अक्सर ‘छुट्टे पैसे’ (change) को लेकर यात्रियों और टोल कर्मियों के बीच विवाद होते थे, जो अब पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा यह कदम भारत सरकार के “डिजिटल इंडिया” अभियान का हिस्सा है, जिससे अर्थव्यवस्था में नकद पर निर्भरता कम होगी।
परिचालन दक्षता (Efficiency) 98% से अधिक वाहनों में पहले से ही FASTag है। पूरी तरह डिजिटल होने से टोल प्लाजा का प्रबंधन अधिक कुशल और सुव्यवस्थित हो जाएगा

 

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने अपनी फास्ट्रेक की पहुंच पूरे देश भर के 98% लोगों तक पहुंचाई है इसको और बढ़ावा देने के लिए और पूरी डिजिटल टोल इकोसिस्टम बनाने के लिए और इंडिया में इलेक्ट्रिक टोल कनेक्शन प्रोग्राम को बढ़ावा देने के तहत कैश पेमेंट बंद करना चाहती है

इसके पीछे यह NHAI का यह उद्देश्य है कि टोल प्लाजा पूरे ऑटोमेटिक और कॉन्टैक्टलेस हो और कैश लेन , खत्म करके टोल प्लाजा पर भीड़ कम करके और सिटी में पिक हाउस में ट्रैफिक जैसा स्थिति पैदा न हो और व्हीकल का फ्लो बरकरार रखने के लिए यह कैश पेमेंट बंद करने का प्रस्ताव रखा गया है

मुख्य कारण विवरण

मुख्य कारण (Main Reasons) विवरण (Details)
ट्रैफिक जाम से मुक्ति नकद (Cash) देने और छुट्टा पैसे वापस लेने में समय लगता है, जिससे टोल पर लंबी कतारें लगती हैं। डिजिटल भुगतान से वाहन बिना रुके निकल सकेंगे।
ईंधन और समय की बचत टोल प्लाजा पर रुकने से इंजन चालू रहता है और ईंधन की खपत होती है। कैशलेस सिस्टम से यात्रियों का कीमती समय और पेट्रोल/डीजल बचेगा।
100% पारदर्शिता (Transparency) डिजिटल भुगतान (FASTag/UPI) से टोल कलेक्शन का सटीक डेटा मिलता है, जिससे राजस्व की चोरी और मानवीय गलतियों की संभावना खत्म हो जाती है।
कैश हैंडलिंग का झंझट खत्म टोल कर्मियों को भारी मात्रा में कैश संभालने और बैंक में जमा करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे ऑपरेशनल लागत कम होगी।
विवादों का समाधान अक्सर टोल पर ‘छुट्टे पैसों’ (Change) को लेकर यात्रियों और कर्मचारियों के बीच झगड़े होते हैं। डिजिटल पेमेंट से यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा यह कदम भारत को एक कैशलेस अर्थव्यवस्था बनाने के सरकार के विजन का हिस्सा है, जिससे हर लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा।
बेहतर डेटा प्रबंधन NHAI के पास हाईवे पर चलने वाले वाहनों का रियल-टाइम डेटा होगा, जिससे ट्रैफिक मैनेजमेंट और भविष्य की योजनाएं बनाने में आसानी होगी।
ट्रैफिक जाम में कमी नकद लेनदेन में समय लगता है, जिससे लंबी कतारें लगती हैं। डिजिटल भुगतान से वाहन बिना रुके या बहुत कम समय में निकल सकेंगे।

ईंधन और समय की बचत टोल पर रुकने और इंजन चालू रखने से ईंधन बर्बाद होता है। कैशलेस सिस्टम से यात्रियों का समय और पैसा दोनों बचेगा।

पारदर्शिता (Transparency) डिजिटल लेनदेन से टोल संग्रह में पारदर्शिता आती है और मानवीय त्रुटि या भ्रष्टाचार की संभावना कम हो जाती है।
लेनदेन विवादों का अंत कैश पेमेंट के दौरान अक्सर ‘छुट्टे पैसे’ (change) को लेकर यात्रियों और टोल कर्मियों के बीच विवाद होते थे, जो अब पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।

डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा यह कदम भारत सरकार के “डिजिटल इंडिया” अभियान का हिस्सा है, जिससे अर्थव्यवस्था में नकद पर निर्भरता कम होगी।
परिचालन दक्षता (Efficiency) 98% से अधिक वाहनों में पहले से ही FASTag है। पूरी तरह डिजिटल होने से टोल प्लाजा का प्रबंधन अधिक कुशल और सुव्यवस्थित हो जाएगा

 

अभी, जिन गाड़ियों में FASTag काम नहीं कर रहा है, अगर वे कैश या डिजिटल तरीकों से पेमेंट करते हैं, तो उन्हें ये पेनल्टी देनी होगी:

• कैश पेमेंट: स्टैंडर्ड टोल फीस से दोगुना (2x) चार्ज किया जाएगा
• UPI पेमेंट: स्टैंडर्ड टोल फीस से 1.25 गुना चार्ज किया जाएगा
• नए प्रपोज़ल के तहत, कैश पेमेंट का ऑप्शन पूरी तरह से हटा दिया जाएगा, और सभी नॉन-कम्प्लायंट गाड़ियों को UPI से पेमेंट करना होगा

गर्वनमेंट करना चाहिए है भविष्य के बुनियादी ढांचे में बदलाव

कैश पेमेंट खत्म करने के अलावा, सरकार देरी को और कम करने के लिए बिना रुकावट वाले सिस्टम की भी टेस्टिंग कर रही है:

भविष्य के बदलाव विवरण (Details)
GPS-आधारित टोलिंग भविष्य में टोल प्लाजा पूरी तरह खत्म हो सकते हैं। वाहनों में लगे GPS के जरिए सीधे बैंक खाते से दूरी के हिसाब से पैसे कटेंगे।
ANPR तकनीक ‘ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन’ कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो चलते वाहन की नंबर प्लेट पढ़कर अपने आप टोल वसूल लेंगे।
बाधा मुक्त यात्रा (Barrier-less) टोल बूथों पर लगे बैरियर हटा दिए जाएंगे, जिससे वाहनों को रुकने की जरूरत नहीं होगी और ट्रैफिक की गति बनी रहेगी।
एक्सप्रेसवे का विस्तार देश भर में हाई-स्पीड कॉरिडोर (जैसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे) का जाल बिछाया जा रहा है जो पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट होंगे।
स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए ट्रैफिक की निगरानी होगी ताकि दुर्घटनाओं को कम किया जा सके और आपातकालीन सेवाएं जल्दी पहुँचें।
इलेक्ट्रिक हाईवे चुनिंदा रूट्स पर ‘इलेक्ट्रिक हाईवे’ बनाने का प्रस्ताव है, जहाँ चलते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा मिल सकेगी।
मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी सड़कों को रेलवे स्टेशनों, बंदरगाहों और हवाई अड्डों से सीधे जोड़ने का बुनियादी ढांचा (PM Gati Shakti) तैयार किया जा रहा है।
GNSS (सैटेलाइट-बेस्ड) टोलिंग: दूरी पर आधारित टोलिंग सिस्टम पायलट स्टेज में है

कुछ रिपोर्ट्स में मई 2025 में लॉन्च का सुझाव दिया गया था, लेकिन मिनिस्ट्री ऑफ़ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज़ ने PIB के ज़रिए साफ़ किया कि पूरे देश में इसे लागू करने की कोई तारीख तय नहीं है, हालाँकि 2026-27 तक इसमें धीरे-धीरे प्राइवेट गाड़ियाँ भी शामिल हो सकती हैं

• ANPR कैमरे: नई दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर जैसे कुछ खास रूट्स पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों की टेस्टिंग की जा रही है ताकि बिना रुकावट के आना-जाना हो सके

भारत में FASTag को लेकर कुछ बड़े बदलाव 

 

बदलाव का क्षेत्र मुख्य अपडेट / नया नियम विवरण (Details)
कैश पेमेंट (Cash) पूर्ण प्रतिबंध 10 अप्रैल 2026 से सभी नेशनल हाईवे टोल पर कैश लेना बंद कर दिया गया है।
वैकल्पिक भुगतान UPI (QR कोड) FASTag न होने पर UPI से भुगतान संभव है, लेकिन इस पर 1.25 गुना (25% एक्स्ट्रा) चार्ज लगेगा।
नया टोल सिस्टम GPS आधारित टोलिंग अब ‘सैटलाइट आधारित टोल सिस्टम’ (GNSS) का परीक्षण शुरू हो गया है, जिससे तय की गई दूरी के हिसाब से पैसे कटेंगे।
‘एक वाहन, एक FASTag’ One Vehicle, One FASTag NHAI ने एक वाहन के लिए कई FASTag रखने पर रोक लगा दी है। पुराना टैग डिएक्टिवेट करना अनिवार्य है।
KYC अपडेट अनिवार्य KYC बिना अपडेटेड KYC वाले FASTag को बैंकों द्वारा ब्लैकलिस्ट या डीएक्टिवेट कर दिया गया है।
स्मार्ट कैमरा (ANPR) नंबर प्लेट स्कैनिंग टोल प्लाजा पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो बिना रुके टोल काट सकेंगे।
वार्षिक पास कीमत में वृद्धि निजी वाहनों के लिए सालाना टोल पास की दर ₹3,000 से बढ़ाकर ₹3,075 कर दी गई है।
छूट के नियम ID कार्ड छूट बंद सरकारी आईडी कार्ड दिखाकर मिलने वाली मैन्युअल छूट बंद कर दी गई है; अब केवल अधिकृत FASTag ही मान्य हैं।
• ऑटोमैटिक टॉप-अप : RBI के नए नियम के मुताबिक, अगर आपके FASTag वॉलेट में बैलेंस कम हो जाएगा, तो वो ऑटोमैटिक टॉप-अप हो जाएगा। मतलब, आपको टोल पेमेंट के लिए बार-बार रिचार्ज नहीं करना पड़ेगा

• EVs के लिए टोल छूट : भारत में कई नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों को टोल पेमेंट से पूरी तरह या कुछ हद तक छूट दी गई है। तो अगर आपके पास EV है, तो आपको टोल पेमेंट पर पैसे बचाने का मौका मिल सकता है

• FASTag का विस्तार : जल्द ही FASTag का इस्तेमाल पार्किंग, EV चार्जिंग और गाड़ी से जुड़ी अलग-अलग सर्विस के पेमेंट के लिए किया जा सकता है। मतलब, FASTag आपके गाड़ी के लिए एक अकेला पेमेंट सॉल्यूशन बन सकता है

इन बदलावों से FASTag का इस्तेमाल और भी आसान और सुविधाजनक हो जाएगा

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